1. परिचय
पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (“PINCAP” अथवा “कंपनी”) एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी – निवेश एवं ऋण कंपनी (NBFC-ICC) है, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (“RBI”) के स्केल-आधारित विनियामक ढांचे के अंतर्गत बेस लेयर NBFC के रूप में वर्गीकृत है और RBI में पंजीकृत है। कंपनी अपने ग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए अपना व्यवसाय निष्पक्ष, पारदर्शी, नैतिक एवं ज़िम्मेदार तरीके से करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यह निष्पक्ष व्यवहार संहिता (“संहिता”) भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – उत्तरदायी व्यावसायिक आचरण) निदेश, 2025 के अनुसार तैयार की गई है, जो RBI/DOR/2025-26/362 - DOR.MCS.REC.No.281/01-01-039/2025-26 दिनांक 28 नवंबर 2025 के माध्यम से जारी किए गए हैं, तथा समय-समय पर यथासंशोधित (“RBI निदेश”) हैं, और RBI द्वारा समय-समय पर जारी अन्य लागू निदेशों, परिपत्रों एवं दिशानिर्देशों के अनुसार भी है।
यह संहिता उन निष्पक्ष व्यवहार के मानकों को निर्धारित करती है जिनका पालन कंपनी अपने उधारकर्ताओं एवं संभावित उधारकर्ताओं के साथ व्यवहार में करने का वचन देती है, और जो ऋण आवेदन जमा करने से लेकर ऋण खाते के बंद होने तक ऋण संबंध के प्रत्येक चरण पर लागू होते हैं।
2. निष्पक्ष एवं उत्तरदायी ऋण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता
कंपनी अपना ऋण व्यवसाय निष्पक्ष, पारदर्शी, नैतिक एवं ज़िम्मेदार तरीके से करने के लिए प्रतिबद्ध है। तदनुसार, कंपनी:
- प्रत्येक ग्राहक के साथ निष्पक्षता, शिष्टता और सम्मान से व्यवहार करेगी;
- अपने ऋण उत्पादों और सेवाओं के बारे में स्पष्ट, सटीक और समय पर जानकारी उपलब्ध कराएगी;
- ब्याज दरों, शुल्कों, प्रभारों तथा ऋण पर लागू अन्य नियमों एवं शर्तों में पारदर्शिता सुनिश्चित करेगी;
- ऋण से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा करके ग्राहकों को सोच-समझकर वित्तीय निर्णय लेने में सहायता करेगी;
- लागू कानून के अनुसार ग्राहक की जानकारी की गोपनीयता एवं निजता बनाए रखेगी;
- निष्पक्ष, पारदर्शी और गैर-दबावपूर्ण ऋण एवं वसूली प्रथाएं अपनाएगी;
- सुलभ एवं प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र उपलब्ध कराएगी; और
- भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा जारी सभी लागू कानूनों, विनियमों और निदेशों का पालन करेगी।
3. दायरा एवं प्रयोज्यता
यह संहिता कंपनी द्वारा प्रस्तुत सभी ऋण उत्पादों और सेवाओं पर लागू होती है, और ऋण के संपूर्ण जीवनचक्र में ग्राहकों के साथ सभी संवादों को नियंत्रित करती है, जिनमें ऋण आवेदन, मूल्यांकन, स्वीकृति, दस्तावेज़ीकरण, संवितरण, सर्विसिंग, वसूली, चुकौती, ऋण खाते को बंद करना तथा कंपनी के ऋण व्यवसाय से संबंधित या उससे उत्पन्न होने वाली अन्य सभी गतिविधियां शामिल हैं, परंतु इन्हीं तक सीमित नहीं हैं।
यह संहिता कंपनी के सभी कर्मचारियों तथा सभी डायरेक्ट सेलिंग एजेंटों (DSA), डायरेक्ट मार्केटिंग एजेंटों (DMA), वसूली एजेंटों और कंपनी के ऋण व्यवसाय के दौरान कंपनी का प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत अन्य व्यक्तियों पर लागू होती है, चाहे ऐसे व्यक्ति कंपनी द्वारा सीधे नियुक्त किए गए हों या किसी तीसरे पक्ष के माध्यम से।
4. परिभाषाएं
जब तक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो, निम्नलिखित पदों के वही अर्थ होंगे जो नीचे उन्हें दिए गए हैं:
“वार्षिक प्रतिशत दर (APR)” से तात्पर्य उधारकर्ता के लिए ऋण की वार्षिक लागत से है, जिसमें ब्याज दर तथा ऋण सुविधा से जुड़े अन्य सभी शुल्क शामिल हैं, और जिसकी गणना RBI निदेशों के अनुसार की जाती है।
“बोर्ड” से तात्पर्य पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मंडल से है।
“उधारकर्ता” से तात्पर्य ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था से है जिसने कंपनी से कोई ऋण सुविधा प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है या जिसे ऐसी कोई सुविधा प्रदान की गई है।
“कंपनी” से तात्पर्य पिनेकल कैपिटल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड (“PINCAP”) से है।
“निष्पक्ष व्यवहार संहिता या संहिता” से तात्पर्य इस निष्पक्ष व्यवहार संहिता से है, जो बोर्ड द्वारा अनुमोदित है और समय-समय पर संशोधित की जाती है।
“मुख्य तथ्य विवरण (KFS)” से तात्पर्य ऋण समझौते के मुख्य तथ्यों के उस मानकीकृत विवरण से है, जो RBI निदेशों के अनुसार उधारकर्ता को उपलब्ध कराया जाता है।
“दंडात्मक शुल्क” से तात्पर्य ऐसे शुल्कों से है, चाहे वे किसी भी नाम से जाने जाएं, जो कंपनी द्वारा ऋण समझौते की महत्वपूर्ण शर्तों के अनुपालन में चूक, जिसमें चुकौती में चूक भी शामिल है, के लिए उधारकर्ता पर RBI निदेशों के अनुसार लगाए जाते हैं।
“RBI” से तात्पर्य भारतीय रिज़र्व बैंक से है।
“RBI निदेश” से तात्पर्य भारतीय रिज़र्व बैंक (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां – उत्तरदायी व्यावसायिक आचरण) निदेश, 2025 से है, जो समय-समय पर यथासंशोधित हैं।
“वसूली एजेंट” से तात्पर्य किसी भी ऐसे व्यक्ति से है, जिसमें कोई एजेंसी या उसके कर्मचारी भी शामिल हैं, जिसे कंपनी ने अपने उधारकर्ताओं से बकाया राशि की वसूली के लिए नियुक्त किया है।
इस संहिता में प्रयुक्त किंतु परिभाषित न किए गए पदों के वही अर्थ होंगे जो RBI द्वारा जारी लागू कानूनों, विनियमों और निदेशों के अंतर्गत उन्हें दिए गए हैं।
5. निष्पक्ष व्यवहार संहिता की भाषा एवं उपलब्धता
इस संहिता को कंपनी के निदेशक मंडल ने अनुमोदित किया है और ग्राहकों की बेहतर समझ के लिए इसे अंग्रेज़ी और हिंदी में उपलब्ध कराया जाएगा। आवश्यकता होने पर, कंपनी इस संहिता की विषय-वस्तु उधारकर्ता को उसकी क्षेत्रीय भाषा या उसके द्वारा समझी जाने वाली भाषा में बताएगी।
यह संहिता कंपनी की वेबसाइट पर तथा उसके कार्यालयों में प्रदर्शित की जाएगी, और अनुरोध करने पर ग्राहक को उपलब्ध कराई जाएगी।
6. ऋण के आवेदन एवं उनकी प्रक्रिया
कंपनी निष्पक्ष, पारदर्शी और ग्राहक-अनुकूल ऋण आवेदन प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है। तदनुसार, कंपनी:
- आवेदकों और उधारकर्ताओं से उनकी क्षेत्रीय भाषा या उनके द्वारा समझी जाने वाली भाषा में संवाद करेगी, और जहां स्पष्टीकरण मांगा जाए वहां ऋण की शर्तें समझाने के लिए उचित प्रयास करेगी;
- यह सुनिश्चित करेगी कि उसके ऋण आवेदन पत्रों में आवेदक को सोच-समझकर निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए आवश्यक सभी महत्वपूर्ण जानकारी हो, जिसमें आवेदन के साथ जमा किए जाने वाले दस्तावेज़ भी शामिल हैं;
- सभी ऋण आवेदनों की प्राप्ति की पावती देगी और, जहां व्यावहारिक हो, ऐसी पावती में आवेदन की प्रक्रिया के लिए अपेक्षित समय-सीमा का उल्लेख करेगी;
- ऋण आवेदनों को कंपनी की आंतरिक नीतियों और लागू विनियामक आवश्यकताओं के अनुसार प्रोसेस करेगी, तथा सभी आवश्यक जानकारी और दस्तावेज़ प्राप्त होने के बाद उचित समय के भीतर आवेदन पर अपना निर्णय सूचित करेगी।
7. ऋण मूल्यांकन, नियम एवं शर्तें
कंपनी यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक उधारकर्ता को ऋण सुविधा स्वीकार करने से पूर्व ऋण के बारे में स्पष्ट, पूर्ण और पारदर्शी जानकारी प्राप्त हो। तदनुसार, कंपनी:
- ऋण की स्वीकृति लिखित रूप में, स्वीकृति पत्र के माध्यम से या अन्यथा, उधारकर्ता की क्षेत्रीय भाषा या उसके द्वारा समझी जाने वाली भाषा में बताएगी, जिसमें स्वीकृत राशि, मुख्य नियम एवं शर्तें, ब्याज की वार्षिकीकृत दर तथा उसे लागू करने की पद्धति का उल्लेख होगा;
- उधारकर्ता द्वारा ऐसे नियमों एवं शर्तों की स्वीकृति प्राप्त करेगी और उसे अभिलेख में रखेगी;
- देर से चुकौती या चूक के लिए लागू दंडात्मक शुल्क, यदि कोई हों, ऋण समझौते में मोटे अक्षरों (बोल्ड) में स्पष्ट रूप से प्रकट करेगी;
- स्वीकृति/संवितरण के समय उधारकर्ता को ऋण समझौते की प्रति, उसकी सभी अनुसूचियों, अनुलग्नकों तथा उसका भाग बनने वाले अन्य दस्तावेज़ों सहित, उधारकर्ता द्वारा समझी जाने वाली भाषा में उपलब्ध कराएगी।
8. मुख्य तथ्य विवरण (KFS)
कंपनी प्रत्येक संभावित उधारकर्ता को ऋण समझौते के निष्पादन से पूर्व RBI निदेशों के अंतर्गत निर्धारित मानकीकृत प्रारूप में मुख्य तथ्य विवरण (KFS) उपलब्ध कराएगी। तदनुसार, कंपनी:
- KFS उधारकर्ता द्वारा समझी जाने वाली भाषा में जारी करेगी, उसकी विषय-वस्तु समझाएगी और उधारकर्ता से यह पावती प्राप्त करेगी कि उसने उसे समझ लिया है;
- KFS एक विशिष्ट प्रस्ताव संख्या और RBI निदेशों के अंतर्गत निर्धारित वैधता अवधि के साथ उपलब्ध कराएगी, और यदि उधारकर्ता उस वैधता अवधि के भीतर इसे स्वीकार करता है तो उसमें दर्शाई गई शर्तों से बाध्य होगी;
- KFS में वार्षिक प्रतिशत दर (APR) की गणना-शीट तथा ऋण की पूरी अवधि के लिए परिशोधन अनुसूची (अमॉर्टाइज़ेशन शेड्यूल) शामिल करेगी, जिसमें कंपनी द्वारा लगाए गए सभी शुल्क सम्मिलित होंगे;
- तृतीय-पक्ष सेवा प्रदाताओं की ओर से उधारकर्ता से वसूल किए गए किसी भी शुल्क को APR के भाग के रूप में अलग से प्रकट करेगी, और संबंधित रसीदें एवं दस्तावेज़ उचित समय के भीतर उधारकर्ता को उपलब्ध कराएगी;
- उधारकर्ता की स्पष्ट सहमति के बिना कोई ऐसा शुल्क या प्रभार नहीं लगाएगी जिसका KFS में खुलासा नहीं किया गया हो;
- KFS को ऋण समझौते के भाग के रूप में एक सारांश बॉक्स के रूप में प्रदर्शित करेगी।
9. ब्याज दर नीति एवं अत्यधिक ब्याज का विनियमन
- कंपनी अपने ऋण उत्पादों पर लागू ब्याज दर, निधि की लागत, मार्जिन और जोखिम प्रीमियम जैसे प्रासंगिक कारकों को ध्यान में रखते हुए, अपनी बोर्ड-अनुमोदित ब्याज दर नीति के अनुसार निर्धारित करेगी।
- ब्याज दर, तथा जोखिम के श्रेणीकरण का तरीका और उधारकर्ताओं की विभिन्न श्रेणियों से अलग-अलग ब्याज दरें लेने का औचित्य, उधारकर्ता को ऋण आवेदन पत्र में बताया जाएगा और स्वीकृति पत्र में स्पष्ट रूप से सूचित किया जाएगा।
- लागू ब्याज दरें और जोखिम के श्रेणीकरण का तरीका कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाएगा और उनमें कोई परिवर्तन होने पर उसे अद्यतन किया जाएगा।
- ब्याज दर वार्षिकीकृत दर होगी, ताकि उधारकर्ता को खाते पर लागू सटीक दर की जानकारी रहे।
- कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि उसकी ब्याज दरें निष्पक्ष, उचित और भेदभाव-रहित हों, तथा वह ऐसी दर पर ब्याज नहीं लगाएगी जो अत्यधिक हो या सामान्य वित्तीय प्रथा के अनुरूप न हो।
10. ऋण खातों में दंडात्मक शुल्क
- उधारकर्ता द्वारा ऋण समझौते की महत्वपूर्ण शर्तों के अनुपालन में चूक, जिसमें चुकौती में चूक भी शामिल है, के लिए लगाया गया कोई भी दंड ‘दंडात्मक शुल्क’ माना जाएगा और उसे ऋण पर लगाई जा रही ब्याज दर में जोड़े गए ‘दंडात्मक ब्याज’ के रूप में नहीं लगाया जाएगा। दंडात्मक शुल्कों का पूंजीकरण नहीं किया जाएगा, अर्थात ऐसे शुल्कों पर आगे कोई ब्याज नहीं लगाया जाएगा; तथापि, इससे बकाया EMI/ब्याज पर, चूक के सुधार की तिथि तक, अनुबंधित दर पर ब्याज को चक्रवृद्धि करने की कंपनी की सामान्य प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
- दंडात्मक शुल्क उचित होंगे और महत्वपूर्ण नियमों एवं शर्तों के उल्लंघन के अनुपात में होंगे, केवल चूक की गई राशि पर ही लगाए जाएंगे, और इन्हें राजस्व बढ़ाने के साधन के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा। दंडात्मक शुल्कों की संरचना किसी विशेष ऋण/उत्पाद श्रेणी में एक समान होगी और व्यक्तिगत उधारकर्ताओं (व्यवसाय के अतिरिक्त अन्य प्रयोजनों के लिए) तथा गैर-व्यक्तिगत उधारकर्ताओं के बीच भेदभावपूर्ण नहीं होगी।
- दंडात्मक शुल्क की मात्रा और उसका कारण स्वीकृति पत्र, ऋण समझौते तथा मुख्य तथ्य विवरण (जहां लागू हो) में उधारकर्ता को पहले से स्पष्ट रूप से बताया जाएगा, और कंपनी की वेबसाइट पर भी प्रदर्शित किया जाएगा। स्वीकृति पत्र या ऋण समझौते में वेबसाइट पर प्रदर्शित दंडात्मक शुल्कों की अनुसूची का मात्र उल्लेख पर्याप्त खुलासा नहीं माना जाएगा।
- जब भी उधारकर्ता को महत्वपूर्ण नियमों एवं शर्तों के अनुपालन न होने की याद दिलाने के लिए कोई अनुस्मारक भेजा जाएगा, तो उसमें लागू दंडात्मक शुल्क बताए जाएंगे। दंडात्मक शुल्क लगाए जाने के किसी भी मामले और उसके कारण की सूचना भी उधारकर्ता को दी जाएगी।
- कंपनी लागू RBI निदेशों के अनुसार दंडात्मक शुल्कों पर बोर्ड-अनुमोदित नीति बनाए रखेगी।
11. ऋणों पर पूर्व-भुगतान शुल्क
- ऋण पर पूर्व-भुगतान शुल्क लागू होगा या नहीं, यह कंपनी की बोर्ड-अनुमोदित नीति और लागू RBI निदेशों के अनुसार तय किया जाएगा, जिसमें संबंधित उधारकर्ता वर्ग और ऋण उत्पाद के लिए उनके अंतर्गत निर्धारित कोई भी प्रतिबंध या छूट शामिल है।
- जहां पूर्व-भुगतान शुल्क लागू हो, वहां ऋण समझौते के निष्पादन से पूर्व स्वीकृति पत्र, ऋण समझौते तथा मुख्य तथ्य विवरण (जहां लागू हो) में उधारकर्ता को उसका स्पष्ट और असंदिग्ध रूप से खुलासा किया जाएगा।
- ऋण की किसी भी अवस्था में उधारकर्ता से ऐसा कोई पूर्व-भुगतान शुल्क नहीं लिया जाएगा जिसका ऊपर बताए अनुसार खुलासा नहीं किया गया हो, और पूर्व-भुगतान के समय ऐसा कोई शुल्क पूर्वव्यापी रूप से नहीं लगाया जाएगा जिसे पहले माफ किया जा चुका हो।
12. ऋण का संवितरण एवं नियम-शर्तों में परिवर्तन
- कंपनी उधारकर्ता को, उसकी क्षेत्रीय भाषा या उसके द्वारा समझी जाने वाली भाषा में, ऋण के नियमों एवं शर्तों में किसी भी परिवर्तन की सूचना देगी, जिसमें संवितरण अनुसूची, ब्याज दर, सेवा शुल्क, पूर्व-भुगतान शुल्क या कोई अन्य महत्वपूर्ण शर्त शामिल है। ऐसे परिवर्तन केवल भविष्य से प्रभावी होंगे।
- ऋण को वापस मांगने या चुकौती में तेज़ी लाने का कोई भी निर्णय ऋण समझौते की शर्तों के अनुसार होगा।
- ऋण की पूर्ण चुकौती या निपटान होने पर, कंपनी अपने पास रखी प्रतिभूतियां जारी करेगी, बशर्ते उसे उपलब्ध किसी वैध ग्रहणाधिकार (लियन) या प्रतिसमायोजन (सेट-ऑफ) के अधिकार को छोड़कर। जहां ऐसा अधिकार प्रयोग किया जाए, वहां उधारकर्ता को उसके कारणों तथा प्रतिभूतियां जारी करने की शर्तों की जानकारी दी जाएगी।
13. चल / अचल संपत्ति के दस्तावेज़ों की वापसी
- ऋण की पूर्ण चुकौती या निपटान होने पर, कंपनी चल या अचल संपत्ति के सभी मूल दस्तावेज़ जारी करेगी और ऐसी पूर्ण चुकौती या निपटान की तिथि से 30 (तीस) दिनों की अवधि के भीतर संबंधित रजिस्ट्री में आवश्यक चार्ज संतुष्टि फॉर्म दाखिल करेगी।
- उधारकर्ता को यह विकल्प दिया जाएगा कि वह चल/अचल संपत्ति के मूल दस्तावेज़ अपनी पसंद के अनुसार उस शाखा/कार्यालय से, जहां ऋण खाते की सर्विसिंग की गई थी, या कंपनी के किसी अन्य कार्यालय से, जहां ऐसे दस्तावेज़ उपलब्ध हों, प्राप्त कर सके। दस्तावेज़ लौटाने की समय-सीमा और स्थान का उल्लेख ऋण स्वीकृति पत्र में भी किया जाएगा।
- जहां मूल संपत्ति दस्तावेज़ जारी करने में या चार्ज संतुष्टि फॉर्म दाखिल करने में 30 दिनों की अवधि से अधिक विलंब कंपनी के कारण हुआ हो, वहां कंपनी विलंब के कारण उधारकर्ता को बताएगी और प्रत्येक दिन के विलंब के लिए ₹5,000 (पांच हज़ार रुपये) की दर से उधारकर्ता को क्षतिपूर्ति देगी।
- चल/अचल संपत्ति के मूल दस्तावेज़ों के आंशिक या पूर्ण रूप से खो जाने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में, कंपनी उधारकर्ता को ऐसे दस्तावेज़ों की डुप्लिकेट या प्रमाणित प्रतियां प्राप्त करने में सहायता करेगी और उससे जुड़ा खर्च वहन करेगी, साथ ही ऊपर बताई गई क्षतिपूर्ति का भुगतान भी करेगी। ऐसे मामलों में, कंपनी के पास प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए 30 (तीस) दिनों की अतिरिक्त अवधि होगी, और विलंब संबंधी क्षतिपूर्ति की गणना कुल 60 (साठ) दिनों की अवधि समाप्त होने के बाद ही की जाएगी।
- एकल उधारकर्ता या संयुक्त उधारकर्ताओं की मृत्यु की स्थिति के लिए, कंपनी के पास उधारकर्ता के कानूनी वारिस(ों) को चल/अचल संपत्ति के मूल दस्तावेज़ लौटाने की एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया होगी, जो उसकी वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी।
- इस खंड के अंतर्गत देय क्षतिपूर्ति, लागू कानून के अंतर्गत उधारकर्ता को उपलब्ध किसी अन्य क्षतिपूर्ति का दावा करने के उसके अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना होगी।
14. ऋण वसूली में सामान्य आचरण
- कंपनी उधारकर्ता के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी, सिवाय इसके कि ऋण समझौते के अंतर्गत अनुमत हो या लागू कानून अथवा विनियामक आवश्यकताओं के अनुसार अपेक्षित हो।
- जहां उधारकर्ता ऋण खाते के अंतरण का अनुरोध करता है, वहां कंपनी ऐसे अनुरोध की प्राप्ति की तिथि से 21 (इक्कीस) दिनों के भीतर अपनी सहमति या आपत्ति सूचित करेगी, और कोई भी अंतरण कानून के अनुरूप पारदर्शी संविदात्मक शर्तों के अनुसार किया जाएगा।
- कंपनी निष्पक्ष एवं सम्मानजनक वसूली प्रथाओं के लिए प्रतिबद्ध है, और ऋणों की वसूली में उत्पीड़न, धमकी, दबाव या बाहुबल का सहारा नहीं लेगी।
- उपर्युक्त की व्यापकता को सीमित किए बिना, कंपनी और उसके वसूली कर्मी: धमकी भरी या अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं करेंगे; उधारकर्ता को सुबह 8:00 बजे से पहले या शाम 7:00 बजे के बाद फोन नहीं करेंगे, या बार-बार फोन नहीं करेंगे; उधारकर्ता के रिश्तेदारों, मित्रों या सहकर्मियों को परेशान नहीं करेंगे; उधारकर्ता का नाम प्रकाशित नहीं करेंगे; उधारकर्ता या उसके परिवार, संपत्ति या प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने के लिए हिंसा या किसी अन्य साधन का प्रयोग या उसकी धमकी नहीं देंगे; या ऋण की सीमा अथवा भुगतान न करने के परिणामों के बारे में झूठे या भ्रामक कथन नहीं करेंगे।
- कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि उसके कर्मचारी और अधिकृत प्रतिनिधि ग्राहकों के साथ पेशेवर, शिष्ट और उचित ढंग से व्यवहार करने के लिए, जहां प्रासंगिक हो, उधारकर्ता की आय और मौजूदा ऋण के संबंध में भी, पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित हों।
15. वसूली एजेंट, DSA एवं DMA की नियुक्ति
जहां कंपनी अपने ऋण व्यवसाय के संबंध में किसी डायरेक्ट सेलिंग एजेंट (DSA), डायरेक्ट मार्केटिंग एजेंट (DMA), वसूली एजेंट या तृतीय पक्ष को नियुक्त करती है, वहां कंपनी:
- ऐसी नियुक्ति से पूर्व कंपनी की बोर्ड-अनुमोदित नीति के अनुसार उचित सावधानी (ड्यू डिलिजेंस) बरतेगी, जिसमें वसूली के लिए तैनात कर्मियों की पृष्ठभूमि का सत्यापन शामिल है;
- प्रत्येक DSA, DMA और वसूली एजेंट से कंपनी की आचार संहिता का पालन करने का वचन-पत्र प्राप्त करेगी, जो इस संहिता के अनुरूप होगी;
- यह सुनिश्चित करेगी कि उसके वसूली कर्मी, चाहे वे कर्मचारी हों या एजेंट, वसूली आरंभ करते समय उचित पहचान-पत्र और, जहां लागू हो, कंपनी की ओर से सूचना एवं प्राधिकार पत्र साथ रखें, और उधारकर्ता को कंपनी तथा, जहां लागू हो, वसूली एजेंसी के संबंधित संपर्क विवरण उपलब्ध कराए जाएं;
- यह सुनिश्चित करेगी कि उसकी ओर से कार्य करने वाला कोई भी व्यक्ति धमकी, उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान या ग्राहक की जानकारी के दुरुपयोग का सहारा न ले, और ऐसे व्यक्ति कंपनी की ईमानदारी या प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने वाली अथवा ग्राहक की गोपनीयता भंग करने वाली किसी भी कार्रवाई से दूर रहें।
16. शिकायत निवारण तंत्र
कंपनी ने ग्राहकों की शिकायतों का शीघ्र, निष्पक्ष और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करने के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया है, ताकि सभी शिकायतों का उचित स्तर पर समय पर और प्रभावी ढंग से निपटारा किया जा सके।
परिचालन स्तर पर, कंपनी अपनी शाखाओं/व्यवसाय संचालन के स्थानों पर अपने ग्राहकों के लाभ के लिए निम्नलिखित जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करेगी:
स्तर 1 – शाखा प्रबंधक
कंपनी का पीड़ित ग्राहक अपनी शिकायत कंपनी की निकटतम शाखा में लिखित रूप में प्रस्तुत कर सकता है। वह शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी भी शाखा में व्यक्तिगत रूप से भी जा सकता है। संबंधित शाखा ग्राहक से प्राप्त शिकायतों की पावती देगी।
स्तर 2 – शिकायत निवारण अधिकारी
यदि शिकायत का समाधान नहीं होता है, या ग्राहक प्राप्त उत्तर से संतुष्ट नहीं है, तो ग्राहक सोमवार से शुक्रवार (राष्ट्रीय अवकाशों को छोड़कर) प्रातः 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे के बीच निम्नलिखित माध्यमों से मामले को आगे बढ़ा सकता है:
शिकायत निवारण अधिकारी
फोन: +91 9319299344
ईमेल: support@pincap.in
प्रधान कार्यालय: 4th Floor, Plot No. 22P, Sector-45, Gurugram, Haryana – 122003
स्तर 3 – शिकायत निवारण प्रकोष्ठ प्रमुख
यदि ग्राहक प्राप्त उत्तर से संतुष्ट नहीं है, तो शिकायत को आगे निम्नलिखित को भेजा जा सकता है:
शिकायत निवारण प्रमुख
फोन: +91 81301 95773
ईमेल: shivank@pincap.in
प्रधान कार्यालय: 4th Floor, Plot No. 22P, Sector-45, Gurugram, Haryana - 122003
भारतीय रिज़र्व बैंक
यदि RBI निदेशों के अंतर्गत निर्धारित अवधि के भीतर शिकायत का समाधान ग्राहक की संतुष्टि के अनुसार नहीं होता है, तो ग्राहक कंपनी के पंजीकृत कार्यालय पर अधिकार क्षेत्र रखने वाले भारतीय रिज़र्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क कर सकता है:
Reserve Bank of India, Regional Office (भारतीय रिज़र्व बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय)
दूरभाष: +91 651-2210509
ईमेल: helpranchi@rbi.org.in
पता: 4th Floor, Pragati Sadan, RRDA Building, Kutchery Road, Ranchi - 834001, Jharkhand
17. दिव्यांगजनों के लिए ऋण सुविधाएं
- कंपनी अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करते समय किसी भी आवेदक के साथ शारीरिक या दृष्टि संबंधी दिव्यांगता के आधार पर भेदभाव नहीं करेगी।
- कंपनी लागू कानूनों और विनियामक आवश्यकताओं के अनुसार दिव्यांगजनों को अपने उत्पादों और सेवाओं तक पहुंचने और उनका लाभ उठाने में सहायता के लिए उचित प्रयास करेगी।
- दिव्यांगजनों की शिकायतों का समाधान इस संहिता में निर्धारित कंपनी के शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से किया जाएगा।
- कंपनी लागू कानून तथा माननीय भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रज्ञा प्रसून एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य (W.P.(C) No. 289 of 2024) और अमर जैन बनाम भारत संघ एवं अन्य (W.P.(C) No. 49 of 2025) में दिए गए निर्देशों के अनुसार, जैसे वे कंपनी पर लागू हों, सुगम्यता को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करेगी कि दिव्यांगजन बिना किसी भेदभाव के उसके उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच सकें।
18. विविध
- शाखा बंद करना: कंपनी अपनी किसी भी शाखा/कार्यालय को बंद करने से कम से कम तीन माह पूर्व, उस शाखा/कार्यालय के क्षेत्र में प्रसारित कम से कम एक प्रमुख राष्ट्रीय समाचार पत्र और एक प्रमुख स्थानीय (क्षेत्रीय भाषा के) समाचार पत्र में प्रकाशन के माध्यम से सार्वजनिक सूचना देगी, जिसमें ग्राहकों की सेवा के लिए की गई व्यवस्थाओं का उल्लेख होगा।
- पूर्णांकन (राउंडिंग ऑफ): ऋणों पर ब्याज लगाने सहित कंपनी के सभी लेन-देन निकटतम रुपये तक पूर्णांकित किए जाएंगे, अर्थात पचास पैसे और उससे अधिक की भिन्नों को ऊपर की ओर पूर्णांकित किया जाएगा और पचास पैसे से कम की भिन्नों को छोड़ दिया जाएगा। रुपये की भिन्न वाले चेक या भुगतान साधन कंपनी द्वारा इस आधार पर अस्वीकार नहीं किए जाएंगे।
- आपदा घोषित होने की स्थिति में उपाय: कंपनी, अपने विवेक पर, उन क्षेत्रों के ग्राहकों को जहां आपदा की आधिकारिक घोषणा की गई हो, अपनी आंतरिक नीति और लागू RBI निदेशों के अनुसार, एक वर्ष से अधिक न होने वाली अवधि के लिए शुल्कों और प्रभारों में माफी या कमी जैसे राहत उपाय प्रदान कर सकती है।
19. संहिता की समीक्षा एवं संशोधन
इस संहिता की समीक्षा बोर्ड द्वारा कम से कम वर्ष में एक बार की जाएगी, या RBI निदेशों अथवा कंपनी के व्यवसाय में किसी परिवर्तन के कारण आवश्यक होने पर उससे पहले भी की जाएगी। इस संहिता में किसी भी संशोधन के लिए बोर्ड का अनुमोदन आवश्यक होगा।